पीठ दिखाना तो कायरता है?

मुझे पता है यह बात कि पीठ दिखाना तो कायरता है। मैं कौन सी पीठ दिखा रही हूँ, मैं तो सोने की कोशिश कर रही हूँ। उसके लिए दुनिया में बहुत से मनुष्य पड़े हैं। वो क्या है कि कल मैं ने कई चूहे और छछूंदर भक्ष लिए। बदहज़मी हो गयी है। न कुछ काम का मन है और शिकार की तलाश तो ओवरड्यू हो रही है। इसलिए यह जगह ठीक लगी, न तो यहाँ कोई कुता झपटेगा और न भौंककर ही मेरी नींद खराब करेगा। इसलिए यूँ पड़ी हूँ। यहाँ पर कोई नहीं आएगा, सो लापरवाही से लेट रही हूँ।

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5 Responses to “पीठ दिखाना तो कायरता है?”

  1. अविनाश वाचस्‍पति Says:

    बिल्‍ली को भी चाहिए

    आ राम

    आराम।

  2. mahendra mishra Says:

    बहुत बढ़िया आपके चिठ्ठे की चर्चा समयचक्र में आज

    आभार! मिश्रजी!

  3. vatsala mishra Says:

    Aap ki baat kuch samajh mein nahi aayee, isey thora spasht karein

    ans: बिल्ली देखी फोटो ली पोस्ट कर दी बस। :):)

  4. mehek Says:

    billirani aaram farma rahi hai sssssssssssshhhhhhhh:):)

    ans: :):)

  5. mamta Says:

    🙂

    उत्तर- धन्यवाद ममताजी!

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