उनसे कैसे कहूँ?

आंटी यह मैं कैसे कहूँ? यह तो इन्हें सोचना चाहिए। पैसे तो सारे मेरी मम्मी ने दिए हैं। मम्मी मुझसे यह भी ज़ोर डाल रही हैं कि रजिस्ट्री तुम्हारे नाम होनी चाहिए। पर मैं कैसे कहूँ? ये सोचेंगे कि मैं उन पर विश्वास नहीं कर रही, या मेरे मन में यह अपना तेरी क्यूँ आरही है। नन्ना बहुत हल्के से यह बात मुझसे कह रही थी। इतने ही उसका पति पास आने लगा तो चुप हो गयी।
नन्ना अपनी माँ की इकलौती बेटी है। नन्ना जब तीन महीने की थी तो उसकी माँ और पिता का अलगाव हो गया। नन्ना ने पिता को देखा तक नहीं। माँ ने जॉब करते हुए अपनी अनमैरिड फ्रेंड के साथ रहकर नन्ना का लालन-पालन किया। जब नन्ना अपने पैरों पर खड़ी हो गयी तो उसे एक युवक पसंद आने लगा। वह उससे विवाह करना चाहती थी। माँ ने उसे सीरियस देखा तो हाँ कर दी और नन्ना की शादी हो गयी। नन्ना का पति किसी अच्छे पद पर कार्यरत है।
नन्ना की शादी बड़ी धूमधाम से हुयी। माँ शादी के बाद दफ़्तर की ओर से विदेश में पोस्टिड हो गयी।
नन्ना की माँ हर बार बड़े-बड़े क़ीमती उपहार और मनी भेजती रही। चूंकि नन्ना की शादी अन्तर्जातीय थी इसलिए सास को न भायी। लड़ाई-झगड़ा रहने लगा। माँ ने विदेश में रहते हुए सोचा कि अपनी बेटी को अलग फ्लैट दिला दूँ तो सारा क़िस्सा खत्म हो जाएगा।
माँ ने बेटी-दामाद से एक फ्लैट ढूढने को कहा। जब फ्लैट मिल गया तो लेन देन शुरु हुआ। माँ पूरे पैसे एक दम न भेज पायी। क़िश्तों में भेजती रही।
नन्ना के पति को जल्दी थी कि कहीं फ्लैट हाथ से बाहर न हो जाए। जो पैसे कम पड़ रहे थे वो उसने अपने पिता से यह कहकर माँग लिए कि नन्ना की माँ अभी भेजने वाली हैं, तब वापिस कर देंगें।
पिता ने ड्राफ़्ट बनवाकर देदिया। जब नन्ना की मम्मी से पैसे आए तो उन्हें कैश में वापिस कर दिए। इससे यह और हो गया कि लड़के के पिता ने भी पैसे दिए हैं।
आज उनके मकान की रजिस्ट्री हुई। नन्ना परेशान थी क्यों कि उसकी मम्मी ने कहा था कि फ्लैट उसके नाम हो।
पति ने अपना और अपनी पत्नी दोनों का नाम डलवाया। पर पत्नी सैकेंड पार्टी है। जबकि स्त्री के नाम रजिस्ट्री में फीस कम लगती है। क्या कहा जाए? पति नासमझ तो नहीं पर उसने ऐसा क्यों किया मेरी समझ में ही न आया, क्या डर था उसे? क्या उसे अपनी पत्नी पर भरोसा नहीं था या फिर कोई और कारण?
जो भी हो पति के विचार और निर्णय विश्वसनीय तो नहीं हैं। पत्नी के नाम से मकान खरीदता तो उसकी पत्नी कहीं ज़्यादा सम्मान देती और न हीं उसके मन में शंका आती।
अगर देखा जाए तो यों लाखों का फ्लैट लड़के ने हथिया लिया है। मुफ़्त की रोटी तोडने की प्लानिंग है। पर क्या अपनी पत्नी से निर्मल प्यार और आदर पा सकेगा? आजकल का प्यार यही है?

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12 Responses to “उनसे कैसे कहूँ?”

  1. promila bhatia Says:

    dear nanna, i hav gone thru story,i feel sad . u should ask ur hubby about the episode y he had done this 2 u. as u wrote that ur mother send money 4 d flat . the flat must be in ur name . ask ur mother please send d rest of the money if she can manage then pressurise ur hubby 4 d transfer d whole rights 2 ur name

  2. promila bhatia Says:

    dear nanna i have gone thru ur story, it is ur right to ask ur hubby y he has done this 2 u, if your mother has send d money for d flat u have equally right for d ownership . one should be very fair 4 d financial matter either between hubby r real brother or sister. if all goes well, u shouldnot worry if at any stage there is some problem ur hubby will throw u out of d house . people are like dis

  3. RAJAT Says:

    BAAT BAROSE KI HE
    PREM UNKA SACHA HE
    MAGAR APNI SEF TI TO RAKHA NI CHA HI A DOST

  4. nanasaheb patil Says:

    prem vivah se pahle jisse shadi karni hai wooska pura jankari lena chahiye aur mera to ye kahana hai ki prem vivah wo log karte hai jinko bina kasta kiye kuch pana hai garib logo ke sath koibhi prem vivah nahi karta aur is ghatna ke liye parents aur ladki jimmedar hai

  5. प्रेमलता पांडे Says:

    टिप्पणी हेतु आप सभी का आभार!

  6. साइंस ब्‍लॉगर्स असोसिएशन Says:

    काश, आप की तरह सब लोग सोचें।

  7. संगीता पुरी Says:

    विश्‍वास शब्‍द का आज के जीवन में कोई स्‍थान नहीं … बात कुछ न भी हो तब भी सबका सबके उपर शक बना रहता है … और यही है जो दिलों को पास नहीं आने देता।

  8. कुश शर्मा Says:

    वाह क्या बात है,I will only add to say,

    “बना लिये है इन्सान ने मकान कई,
    एक चेहरे में मगर है इंसान कई।”

    You may like to read me at:
    http://www.sachmein.blogspot.com. If you please!

  9. ghughutibasuti Says:

    बात प्रेम विवाह की नहीं है पुरुष के अहम की है। धन सम्पत्ति तो उसका जन्म सिद्ध अधिकार है।
    घुघूती बासूती

  10. mehek Says:

    hai to galat baat,nanna shayad uske saath shaadi nibhayegi bhi,magar nanna ke mann mein kahi na kahi koi tis jarur reh jaayegi.

  11. pritimav Says:

    प्यार में भी भरोसा नहीं। या प्यार के बाद शादी भी एक कांटरेक्ट था।

  12. Anil Kant Says:

    प्रेम विवाह के बाद भी ये हालात

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