बहुत कुछ लुटा के होश में आए तो सही!

आजकल जब भी बाज़ार जाते हैं और कुछ ऐसा सामान खरीदते हैं जैसे- सब्जी, फल या अन्य वह सब चीज़ें जो छोटी थैली अरे वही पॉलीथीन की बनी पिन्नी में मिलती थी, तो देखते हैं कि दुकानदार ने बॉर्ड लगा रखा है-
’यहाँ पॉलीथीन का प्रयोग नहीं होता’।
’अपने साथ अपना थैला लाएँ, पिन्नी नहीं मिलेगी’
देखकर बहुत अच्छा लगा। अब जाके अलख जगा है। यह काम तो दशक पहले ही होना चाहिए था, पर कोई बात नहीं देर से ही सही दुरुस्ती तो हुई। पर इसका पूरा श्रेय सरकार को जाता है। क्योंकि उसके ही कड़े आदेश का पालन है यह।
जब दुकानदार से पूछा इस बारे तो बड़े अजीब मन से बोला अरे हम कहाँ यह तो आदेश है मानना ही है। पर वही दुकानदार ‘बिका हुआ सामान वापिस नहीं होगा’ या ‘खुले पैसे लाएँ’ की पट्टी लगाने में अपने हित देखता है, नादान कहीं का! उसे पता ही नहीं है पिन्नी वाली पट्टी से उसका छोड़ उसके वंश का भी हित होता है।

मुझे अपने बचपन की याद हो आयी। जब हम कोई सामान लेने पिताजी के साथ बाज़ार जाते थे तो वे या तो घर से ही कपड़े का थैला लेकर जाते थे या दुकानदार पेपर के थैले में जिसे वह खल्ता पुकारता था उसमें देता था। वह खल्ता भी घरेलू उद्योग था। औरतें और लड़कियाँ जो पढ़ती नहीं थीं वे रद्दी पेपर खरीदकर घर में लेई से खल्ते बनातीं थीं और दुकानदार को बेचतीं थीं। आज भी चाहें तो बेरोजगार महिलाएँ पुराने कपड़े खरीदकर और हाथ या मशीन से सिलकर थैले/झोला बेच सकती हैं और पैसे कमाने के साथ-साथ पर्यावरण सुधारने और लोगों को आसानी करने में हाथ बटा सकती हैं। कर तो ऐसा पुरुष भी सकते हैं कोई मनाहीं थोड़े ही है।

कुछ भी हो पॉलीथीन और प्लास्टिक का प्रयोग जितनी जल्दी और जितना अधिक कम कर दें उतना ही अच्छा है।

टैग: ,

3 Responses to “बहुत कुछ लुटा के होश में आए तो सही!”

  1. समीर लाल Says:

    सही है

  2. neeshoo Says:

    सरकार ने जरूरी रोक लगायी हो पर अभी भी धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है पालिथीन का । दुकान वाले भी आराम से दे रहे हैं समान जब पूरी तरह से यह प्रतिबंधित है । हम खुद से इन बातों क्यों नहीं सोचते ?हर चीज के लिए कानून ,

  3. रौशन Says:

    पोलिथीन का प्रयोग हानिकारक है यह समझ में आने के बाद ही एक दिन हमने भी पोलिथीन लेना बंद कर दिया . अब बाइक में एक कपडे का थैला रखते हैं दूकानों पर अभी पोलिथीन का प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है . उत्तर प्रदेश सरकार को भी अब चेत जाना चाहिए. पहले ही बहुत देर हो चुकी है

    उत्तर- टिप्पणी के लिए धन्यवाद रोशनजी! बहुत अच्छी बात है जो आप सचेत हैं।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s


%d bloggers like this: