ओह!!! कुछ तो समझो?

वह अपने पिता से पिट गया। सारे में हल्ला हो गया। जिसे न पता हो उसे भी पता चल गया। हाय री दुनिया! बच्चे को प्रसिद्धी मिले कुछ समय भी न गुज़रा कि उसकी पिटाई के चर्चे इतनी तेज़ी से फैले कि प्रसिद्धी को भी पछाड़ दिया।
बाप तो उसका था ही बेरहम, कमज़ोर, और हीनता की ग्रंथि पाले हुए के अलावा ग़रीब और पूर्णतः अशिक्षित।
पूर्णतः अशिक्षित इसलिए कि अभी पिछले दिनों एक उच्चपदासीन अधिकारी की रिटायर्मेंट के समारोह के दौरान उनकी अनपढ़ पत्नी का हावभाव और व्यवहार बहुत संतुलित और शालीन था। वह भी तो लोगों की भीड़ से उकता सकती थीं। पर वह सभी से मुस्कराकर अभिवादन कर रहीं थीं। वह स्कूल में शिक्षित नहीं हो पायीं थी, पर परिवेश ने उन्हें पढ़ा दिया था।
ऐसा तो नहीं है कि पढ़े-लिखे लोग मारपीट या अभद्र व्यवहर नहीं करते हैं। या सबके सामने मारपीट नहीं करते। बात चाहे कुछ भी हो पर बालकलाकार का अपमान तो हो ही गया। जो लोग उसके चित्र दिखा रहे हैं क्या उन्हें नहीं मालूम कि बच्चे का दिल यह सब देखकर बहुत दुखी होगा। मारपीट से भी ज़्यादा वह इस बात से दुखी हो सकता है सबको पता चल गया कि उसकी पिटाई हुई।
ग़रीब बच्चा इतने बड़े समारोह से आकर अपने को वैसे ही सहज महसूस नहीं कर रहा होगा। उसका जीवन और यह जीवन बहुत अलग थे। मीडिया की ज़िद्द के आगे उसका अनपढ़ बाप उससे वो व्यवहार कर बैठा जो किसी भी बच्चे के साथ नहीं होना चाहिए।
क्या बच्चे का साक्षात्कार लेने जाने वालों में बाल मनोविज्ञान की समझ वाले नहीं होने चाहिए? किसी की मनोदशा समझे बिना उससे बात करना उसके साथ अन्याय है।
जब हम ऐसी बातों की चकल्लस करते हैं तो किसी का दिल भी दुखी होता है यह भूल जाते हैं।
बच्चे का मन तो वैसे ही नाज़ुक होता है। चाहे अब उसके अब्बू उसे कितना भी प्यार करें पर अगर इसी तरह लोग उसको यह बात याद दिलकर उसके हमदर्द बनते रहे तो वह ग्रंथिग्रस्त हो सकता है। सभी को उसके मन का ध्यान रकहकर उसके हित की बात करनी चाहिए।

6 Responses to “ओह!!! कुछ तो समझो?”

  1. sameer lal Says:

    सभी को उसके मन का ध्यान रकहकर उसके हित की बात करनी चाहिए।

    -स्लमडॉग वाले बच्चे की याद हो आई..यह पहले टिप्पणी कौन कर गया हमारे नाम से? बड़े शुभचिन्तक आ गये हैं यहाँ.🙂

  2. ShikhaDeepak Says:

    सही कहा अपने। शोहरत ऑस्कर और पिटाई सब की इतनी चर्चा, उस बच्चे के कोमल मन और भावनाओं के बारे में किसी ने नहीं सोचा।

  3. sameer lal Says:

    बढि़या शब्द चित्रण.

  4. mehek Says:

    bahut sahi kaha,bal man ki avastha se media ko koi lena dena nahi,unhe bas apna channel chalana hai,us nanhe bachhe ki kisine nahi sochi.

  5. Hari Joshi Says:

    सच लिखा आपने।

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