बदला-बदली

एक बार किसी पत्रिका में पढ़ा था कि एक व्यक्ति के शरीर में पथरी बनने की बीमारी थी, उसका डॉक्टर हर बार पथरी निकाल देता। धीरे-धीरे करके पहले उसका एक गुर्दा निकाल दिया, फिर दूसरे के निकालने की नौबत आ गयी तो वह दूसरे डॉक्टर के पास गया। उस डॉक्टर ने उसे समझाया कि वह बहुत देर से आया है। उसके पहले डॉक्टर ने पथरी का इलाज किया पर पथरी बनने के कारण का इलाज नहीं किया और जीवन खतरे के निशान से ऊपर पहुँच गया। पहला डॉक्टर योग्य भी नहीं था और नैतिक भी नहीं, किसी के जीवन से खेलकर पैसा भी बनाए जा रहा था।
आज कमोबेश यही हालत बेटियों की दशा सुधारने के बारे में कही जा रही है।हाय-हाय मची है। बीमारी की जड़ न पकड़ कर ऊपर-ऊपर से समाधान ढ़ूंढा जाता है।
बेटियाँ पैदा ही न हो तो अच्छा है। वरन परेशानी होगी। उसे पढ़ाया जाएगा उसमें पैसा खर्च होगा। शादी में भी पैसा खर्च होगा और सुख दूसरे उठाएँगे। इसलिए क्या ज़रुरत है इतना खर्च करने की।
सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाली अधिकांश लड़कियों के भाई पब्लिक-स्कूल में पढ़ते हैं। साथ में ट्यूशन भी लगे होते हैं। जबकि बच्चियाँ घर के काम भी करती हैं और पढ़ती भी हैं। अगर माँ बीमार हो जाए या अन्य कोई भी काम क्यों न हो हमेशा छुट्टी लड़की को ही कराई जाती है। जब इस बारे में अभिभावक से बात करो तो उनका पिण्ड छुड़ाने का आसान तरीक़ा है कि लड़के काम कम करेंगे, झिकाएँगे ज़्यादा। इसलिए कौन दिमाग़ खराब करे। स्वार्थ और असानी की ओर झुकाव ही प्राथमिकता है ख़ून के रिश्तों की क्या दरक़ार! वरना यूँ अंतर न हो!
सरकारी लुभावनी स्कीमों के चलते बच्चियों को स्कूल भेजा जा रहा है, वरना जब मन आया तभी स्कूल छुड़ाकर घर बैठा ली जाती थीं बेटियाँ।
यह तो माँ-बाप का हाल है। फिर ग़ैर ससुराल वालों की क्या बात कही जाए?

टैग: , ,

One Response to “बदला-बदली”

  1. alok singh "sahil" Says:

    dil ko chhune wala aalekh,bahut hi gambhir sawal
    ALOK SINGH “SAHIL”

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s


%d bloggers like this: