किशोर राम(हाइकू रामायण)

सूर्यवंशस्य
चारों भाई महान
कीर्ति-प्रसार॥

अवध-जन
पाकर युवराज
हर्षें अपार॥

विश्वामित्रजी
ऋषि-तपस्वी योगी
वन-आश्रमी॥

किए खंडित
सुबाहू औ’मारीच
तपस्या-यज्ञ॥

विश्वामित्र:

“कोई उपाय?
हे! कौशलाधिराज?
दो युवराज॥”

“बाधाएँ मिटें
राक्षस-वध करें
राम-लछन॥”

दशरथ:

“राम-लछन!!!
बाल कोमल तन !
नयनतारे”

वशिष्ठ आए
नृप शंका हटाए
मुनि हर्षाए॥

युगल भाई
ऋषि संग पठाए
यज्ञ बचाए॥

ताड़का मारी,
निशाचर पछाड़े,
ऋषि सुखारे॥
                                                           ज़ारी…

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5 Responses to “किशोर राम(हाइकू रामायण)”

  1. ऊष्माhttp://img1.orkut.com/img/b.gif Says:

    प्रश्नात्मक शैली में लिखा गया यह प्रसंग अत्यंत रोचक है …….

  2. gyana Says:

    बहुत अच्छा

  3. प्रेमलता पांडे Says:

    शुक्रिया!

  4. राजीव रंजन प्रसाद Says:

    बहुत अच्छा प्रयोग है और सफल भी हुआ है..

    ***राजीव रंजन प्रसाद

  5. समीर लाल Says:

    बहुत अच्छी पहल है. अच्छा लग रहा है, जारी रखिये.

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