कर्क लग्न (ज्योतिष-२५)

 

पुनर्वसु का अंतिम एक चरण और पुष्य तथा आश्लेषा नक्षत्रों  से बनी कर्क लग्न में जन्मे लोग सौंदर्य और कला के उपासक होते हैं।

 अक्सर लंबे क़द के होने के साथ-साथ इनका गला मोटा होता है।

ये भावुक और संवेदनशील भी देखे गये हैं।

जलीय स्वभाव के होने के साथ-साथ इन्हें जल के कार्य और खेल अच्छे लगते हैं।

ज्ञान होने पर भी कभी-कभी उसका समुचित प्रयोग नहीं कर पाते हैं।

स्नेही, मित्रता रखने वाले ये लोग कुटिल भी होते हैं। ये सही भी हों तब भी लोग इन पर शक कर लेते हैं। विलास प्रिय कर्क  लग्न में जन्में लोग कभी-कभी व्यसनी भी हो जाते हैं। अंदर से डरने वाले ये लोग वीरता की बात कर लेते हैं। छदम वेष रखने में निपुण होते हैं। खतरा देखते ही छिपने की कोशिश करते हैं। अल्प क्रोधी ये लोग दूसरों की बात मान लेते हैं। लग्नेष चंद्र्मा कमज़ोर होने पर मानसिक बीमारियों से घिरे हुए भी देखे गए हैं। 

( ये सब सामान्य लक्षण हैं, कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति इनको पूरा का पूरा बदल सकती है)

3 Responses to “कर्क लग्न (ज्योतिष-२५)”

  1. hiranand Says:

    kya mere jeevan hamesha pareshani ka samna karna likha hain

  2. amit raut Says:

    Give the details about the things which can be proved fatal for the person having zodiac sign. Also which field can be proved beneficial for them?

  3. समीर लाल Says:

    ये सब सामान्य लक्षण हैं, कुंडली में अन्य ग्रहों की स्थिति इनको पूरा का पूरा बदल सकती है-

    तब क्या अर्थ है सामान्य लक्षणों का यदि सब कुछ कुण्डली पर ही आधारित है? जरा इस पर प्रकाश डालियेगा.

    उ० – समीरभाई हौंसला बढ़ाने के लिए धन्यवाद। संसार में शक्तिशाली की सत्ता चलती है, यही बात ज्योतिष में ग्रहों के बारे में मानी गयी है।

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