श्रीकृष्ण

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी अर्थात संपूर्ण ज्ञान का उदय! काराग्रह मे दिखाया गया उनका चतुर्भुज रुप हो या अर्जुन को दिखाया गया विराट  स्वरुप,  सभी का अर्थ है कि कण-कण में श्रीकृष्ण व्याप्त हैं।  

कृष्ण तुम सृष्टि,

कृष्ण तुम वृष्टि!

रुप हो भक्ति का,

मार्ग हो मुक्ति का!

प्रेम का आधार,

ज्ञान का साकार!

तुम हो समग्र,

अर्थात सर्वज्ञ॥ 

2 Responses to “श्रीकृष्ण”

  1. premlata pandey Says:

    धन्यवाद।

  2. sanjay tiwari Says:

    बहुत अच्छी तुकबंदी है. जय श्री कृष्ण.

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