मखाने

 कमल  के फूल की महिमा तो सबको पता है। लक्ष्मीजी का आसन है तो  देवी-देवताओं के हाथों  की शोभा बढ़ाता है। कवि के लिए सर्वश्रेष्ठ उपमा  है तो किसान के लिए अच्छी फसल। कमल की कई चीजें उपयोगी हैं। आज इसके बीज की बात करते हैं। इसका  बीज  पूजा-पाठ  की सामग्री में  कमलगट्टा के नाम से प्रचलित है,   देसी खान-पान  में इसका प्रयोग कई प्रकार से होता है। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कमल  में कैल्सीयम  बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है,  खासकर इसके बीज में। कमल के बीज को भूनकर मखाने बनाए  जाते हैं।  बाजार में मखाने सूखे मेवे की  दुकान    पर मिलते  हैं। इसको  कई तरह से खाने में प्रयोग में ला सकते हैं_ 

मखाने की सब्जी- 

( दो लोगों के लिए)  इसे बनाने के लिए   विशेष कुछ भी नहीं चाहिए।  सब कुछ वही चाहिए जो आम रसोई में होता है। बस मखाने ज़रुर  डेढ़/दो  सौ ग्राम  चाहिए।  मखानों को गीले पर पूरी तरह से निचौड़े हुए साफ़  कपड़े से पोंछ लें,  ताकि उन पर लगी धूल-मिट्टी साफ़ हो जाए। अब आग पर एक कड़ाही में थोड़ा सी चिकनाई-घी या तेल डालकर   मखानों को भून लें। ( मर्जी है चाहे तो तल लें)  हल्का सुनहरा  रंग होने पर  उन्हें एक बर्तन में पलट दें।  एक प्याज और दो टमाटरों को बारीख काटकर कड़ाही में बहुत ज़रा सा तेल डालकर भूनें। उसी समय उसमें चुटकीभर हल्दी, छोटा आधा चम्मच सौंफ-धनिया  और सौंठ पिसी हुई भी डाल दें। जब   मसाला भुन जाए तो उस में एक कप पानी डाल दें औए स्वादनुसार नमक और लाल-मिर्च डाल दें। उबलते समय ही गर्म-मसाले की पोटली भी डाल दें। जब तरी उबलने  लगे तभी उसमें भुने हुए मखाने भी  डाल दें। जब तरी गाढ़ी हो जाए तो उतार कर किसी   शीशे के बर्तन में पलट लें।  छोटी चुटकी अमचूर डालकर चमचे से मिला दें। अब  (धुली हुई) बारीक कटी हरी-मिर्च और हरे-धनिये की  पत्तियों  को इस पर बुरक दें। बस परोसे और खिलाएँ  और खाएँ।( कई लोग अमचूर     डालकर दही भी डालते हैं। यह तो  शुद्ध मखाने की सब्जी है। इसे फलाहार वाले व्रत में भी खा सकते हैं। यदि  चाहें तो इसमें सोयाबीन की वड़ियाँ/आलू या काजू भी भूनकर   साथ  डाले  जा सकते हैं पर कैलोरी की बात  !!!

मखाने का  रायता-

सामग्री- आवश्यकतानुसार  दही और  मखाने। इसके अलावा  ( मुट्ठीभर किशमिश यदि मीठा बनाना है)  नमक, काली-मिर्च और चीनी तो हमारी  रसोइयों में होती ही  है। मखानों को कड़ाही में बिना चिकनाई डाले सूखे  ही भून लें थोड़े सुनहरे से होने पर उन्हें उतारकर कूटकर उनके छोटे टुकड़े करदें। अब दही को फेंटकर थोडा पतला कर लें और उसमें  कुटे हुए मखाने डाल दें। अब आपकी मर्जी कि रायता नमकीन खाना है तो नमक और कालीमिर्च स्वादानुसार डालकर ज़रासा भुना हुआ  जीरा भी डाल  दें और परोसें। यदि मीठा बनाना   है तो  आधी मुट्ठी धुली हुई किशमिश डालकर नमक की जगह चीनी और  काली-मिर्च डाल दें और  परोसें।  

 सूखे मखाने 

 बिना चिकनाई के सूखे ही कड़ाही में भुने मखाने पर नमक-कालीमिर्च या चाँट-मसाला बुरक कर  चाय के साथ परोसें।  ये   कैल्सीयम की कमी झेल रहे  किसी भी व्यक्ति के लिए अत्यधिक लाभप्रद हैं।  

मखाने की खीर –

 यह तो  हमारे देश का   लोकप्रिय मीठा खाना है।   सामग्री की बात तो यह है  कि आपको  कितनी खीर खानी है आपकी इच्छा। यहाँ तो बनाना लिखा जा  रहा है।  सौ  ग्राम मखाने के लिए एक लीटर दूध की आवश्यकता होगी इसी अंदाज़े को किसी मात्रा के लिए अपनाया जा सकता है। मखाने और एक मुट्ठी कसा हुआ नारियल घी में अकोरकर उबलते दूध में डाल  दें और पकने दें। इसी समय  दो छोटीसफ़ेद  इलायची भी पीसकर डाल दें। जब दूध गाढ़ा हो जाए तो आग से उतार लें। थोडा़ ठंडा होने पर  उसमें स्वादानुसार चीनी मिला दें। परोसें/ खिलाएँ और खाएं। ( अन्य मेवे भी डाले जा सकते  हैं पर उससे  मखाने का स्वाद दब जाता है।

One Response to “मखाने”

  1. SHWETA SINGH Says:

    the knowladge u have given that is wonder full I really like it very much thankyou .

    I just want to know the benefits of eating makhanas
    actually i m very sick and want to know that makhana’s are beneficial to helth and it will increse weight or not.

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