जन्मपत्री (ज्योतिष-२१)

हमने नक्षत्र, ग्रह और  राशियों के संबंध देख लिए हैं। अब फलितज्योतिष के अंतर्गत जन्मपत्री की बात करते हैं। किसी भी जन्मपत्री में समय, नक्षत्र और ग्रह इत्यादि के विषय में पूर्णतः लिखा होता है। आजकल तो संगणक के माध्यम से अँगरेजी में भी सुलभ है। फलित करते समय हमें समय के उपरांत सबसे पहले लग्न कुण्डली दृष्टिगोचर होती है। 

लग्न  

ज्योतिष में पृथ्वी से आकाश को समझा था इसलिए  सभी पिण्डों और  आकृतियों की गति बतायी है। पृथ्वी से पूर्वदिशा में हर दो घंटे बाद नई राशि दृष्टिगोचर होती है। २४घंटे में संम्पूर्ण बारह राशियाँ दिखायी दे जाती हैं। किसी भी जीव के जन्म के समय जो राशि पूर्व में जितने अंश पर दिखायी देती है उसी को उस जीव की लग्न माना गया है। उससे अगली राशि द्वितीयभाव और इसप्रकार  बारह भाव माने गए। यही बारह भाव और नौ ग्रह मिलकर व्यक्ति के संपूर्णजीवन, उसका स्वास्थ्य, उसका परिवार, परिवेश, कार्य और सफलताअसफलता सभी कुछ दर्शाते हैं। अब पृथकतः इन बारह भावों के विषय में चर्चा करेंगे।   

प्रथमभाव या लग्न

इससे  सिर, व्यक्तित्त्व, व्यवहार, आयु, गुणअवगुण, मस्तिष्क, शौक के  विषय में भविष्यवाणी की बात कही गयी है।  

द्वितीयभाव

परिवार, धन,  वाणी,  प्रेम, वस्त्र, मित्र, चेहराकान, नाक, स्वर और आँख के विषय में जान लेने की बात कही गयी है। 

तृतीयभाव

पराक्रमसाहस, हाथ, सम्मुखधड़, फेफड़े-संबंधी रोगऔर  अनुजाअनुज इत्यादि के विषय में जाना जा सकता है। 

चतुर्थभाव

मन, वक्षस्थल, सुख, माँ, संपत्ति और वाहन इत्यादि के विषय में पता चलता है। 

पंचमभाव

पेट, विद्या, संतान और   शौकआदत के विषय में पता चलता है।

 षष्ठभाव

कमर/ पीठ, रिपु, रोग,ऋण और ननिहाल। 

सप्तमभाव

 नाभि से वस्ती तक शरीर, भागीदार,  पत्नी/पति, विवाह, दैनिकआमदनी, कलह और सृष्टिअंग। 

अष्टमभाव

छिपे हुए शरीरांग,  आयु, मृत्यु, मृत्यु का कारण, रंध्र और गुप्तधन इत्यादि। 

नवमभाव

घुटनों से ऊपर टांगें, मानसिकवृत्ति, भाग्य, धर्म,यात्रा, प्रवास और पिता का सुख। 

दशमभाव

घुटने, कर्म, पितृ, राज्य, मानप्रतिष्ठा इत्यादि। 

एकादशभाव

पिण्डलियाँ,  आय, लाभ, अग्रजअग्रजाऔर रोग इत्यादि।

 द्वादशभाव

पैर, व्यय, हानि, दण्ड, व्यसन, दान, पाखण्ड, कारावास, यात्रा,  मोक्षऔर चोरी इत्यादि।

 इसप्रकार ज्योतिष के अनुसार उपरोक्त बारह भाव जीवन के संपूर्ण क्षेत्रों को समाहित किए हुए हैं।   

2 Responses to “जन्मपत्री (ज्योतिष-२१)”

  1. gursham Says:

    hi

  2. vineetsharma Says:

    requise my goverment job

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