नायाब

 

 

इनको किसी की मदद नहीं चाहिए। कोई ख्याल रखे न रखे। ये तो जहाँ भी चाहे चढ़ जाती है-

mychanges-04.jpg

 

कोई ज़रुरी नहीं   अनुकूल जगह!  हम तो जहाँ चाहे बढ़ सकते हैं। बरगद को ज़मीन की बजाय पेड़ का तना ज़्यादा सही लगा-

 

my-changes-02.jpg

 

 

बुढ़ापा है तभी तो ये हाल है तने का-

my-changes-03.jpg

 

 

हरियाली बहुत ज़रुरी है।

my-changs-07.jpg

 

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s


%d bloggers like this: