आज भी?

बड़की ने कम्प्यूटर-अभियांत्रिकी में मास्टर डिग्री गोल्ड मेडल के साथ ली है उच्च पदासीन है। मझली भी उच्च पद पर कार्यरत है और छुटकी! छुटकी ने तो यूनीवर्सिटी टॉप किया है ऐसी होनहार कन्याओं की माँ होना कितने गर्व की बात है!माँ आजकल बड़्की की शादी के लिए वर ढूंढ़ रही है कई ऑफर आ चुके हैं। सभी बहुत   …  परिवारों से आए हैं। (रिक्त-स्थान पाठक स्वयं भरें)

एक पिताजी को यह पसंद नहीं कि लड़की के पिता दुनिया में नहीं है, दूसरे को यह नहीं पसंद कि लड़की के भाई नहीं है। तीसरे को बिना जाने ही डर लग गया कि कहीं माँ के बूढ़े होने पर उसकी जिम्मेवारी न संभालनी पड़ जाए। चौथे की दिक्क़त यह कि घर में कोई मर्द नहीं है तो बात किससे करें शादी-ब्याह की बातें औरतों से थोड़े ही तय की जाती हैं?

वो तो माँ बहुत बोल्ड है लड़्कियों को दबंग बना रही है, वरना समाज तो कच्चा चबा जाए!

यह तो मेट्रोसिटीकी दुनिया है। गाँव-देहात की तो?

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One Response to “आज भी?”

  1. vineetnawathe Says:

    Can you answer me why short stories always show the dark part of life. Do you think that there is darkness all over the world.
    Swami vivekanand said that “Kamjori ka ilaaj kamjori ka vichaar karna nahi, apitu Shakti ka vichaar karna hai”
    So please show the society “there is some “light” in the life. It will improve the confidence of the gentle persons….. and you will see there is light every where.

    उ०= नहीं विनीत!यह सच्ची कहानी है, आज तो वह सब खुशी जीवन व्यतीत कर रहीं हैं। पर यह सब उन्होंने फेस किया।
    अँधेरे को जाने बिना प्रकाश पहुँचाना … दुश्तर है।

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