१
चार अक्षर का मेरा नाम,
टिमटिम तारे बनाना काम,
शादी, उत्सव या त्योहार,
सब जलाएँ बार-बार।
२
तीन पैर की चंपा रानी,
शाम-सवेरे नहाय,
चावल-दाल को छोड़कर,
कच्ची रोटी खाय।
३
सुबह-सुबह ही आता हूँ,
दुनिया की खबर सुनाता हूँ,
बिन मेरे उदास हो जाते,
सबका प्यारा रहता हूँ।
४
पैर नहीं हैं,
पर चलती रहती,
दोनों हाथों से अपना मुंह पोंछती रहती।
उत्तर-
१ फुलझड़ी,
२ चकला-बेलन,
३ अख़बार,
४. घड़ी।
अगस्त 20, 2012 को 15:13 पर |
yeh pahilya mere jeevan ki sabse bakhvas pahilya hey
जुलाई 15, 2012 को 14:47 पर |
yeh paheliya muze bahut pasand aai
cool!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!
जुलाई 15, 2012 को 14:44 पर |
masta!!!!!!!!!!!!!!!!!
जून 6, 2012 को 10:03 पर |
I liked these riddles more than others.
अगस्त 3, 2011 को 16:13 पर |
good i liked them!!!!!!!!!!
जनवरी 14, 2011 को 10:51 पर |
yeh paheliyan badi mazedar hain