राशि और नक्षत्र( ज्योतिष-३)
राशि और नक्षत्र
एक राशि में नौ नक्षत्र-चरण अर्थात ३० अंश माने गए हैं।
( एक नक्षत्र = ४चरण = ६०अंश या घटी।)
मेष = अश्विनी के ४चरण, भरणी के ४चरण और कृतिका का पहला चरण।
वृष = कृतिका के अंतिम ३चरण, रोहिणी के ४चरण और मृगशिरा के प्रथम २चरण।
मिथुन = मृगशिरा के पिछले २चरण, आद्रा के ४चरण और पुनर्वसु के प्रथम ३चरण।
कर्क = पुनर्वसु का चौथा चरण, पुष्य के ४चरण और आश्लेषा के ४चरण।
सिंह = मघा के ४चरण, पूर्वाफाल्गुनी के ४चरण और उत्तराफाल्गुनी का प्रथम चरण।
कन्या = उत्तराफाल्गुनी के शेष ३चरण, हस्त के ४चरण और चित्रा के प्रथम २चरण।
तुला = चित्रा के शेष २चरण, स्वाति के ४चरण और विशाखा के प्रथम ३चरण।
वृश्चिक = विशाखा का चतुर्थ चरण, अनुराधा के ४चरण और ज्येष्ठा के ४चरण।
धनु = मूल-नक्षत्र के ४चरण, पूर्वाषाढ़ा के ४चरण और उत्तराषाढ़ा का प्रथम चरण।
मकर = उत्तराषाढ़ा का दूसरा, तीसरा और चौथा चरण, श्रवण-नक्षत्र के ४चरण और धनिष्ठा का पहला और दूसरा चरण।
कुंभ = धनिष्ठा के अंतिम २चरण, शतभिषा के ४चरण और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का पहला, दूसरा और तीसरा नक्षत्र।
मीन = पूर्वाभाद्रपद का चतुर्थ चरण, उत्तराभाद्रपद के ४चरण और रेवती के ४चरण।
(अभिजितनक्षत्र, जो मात्र १९घटी का ही माना गया है यह भी उत्तराषाढ़ा की आखिरी १५घटी और श्रवण की आरंभ की ४घटी मिलाकर माना गया , के ४चरण मकर राशि में बताए गए हैं। यह सब गणना के समय ध्यान रखना पड़ता है।)
March 26, 2007 at 12:57 am
एक राशि में नौ नक्षत्र-चरण अर्थात ३० अंश माने गए हैं।
( एक नक्षत्र = ४चरण = ६०अंश या घटी।)
इसका अर्थ यह हुआ कि :-
13.25 degree(अंश) = 1 नक्षत्र
1 नक्षत्र has 4 phases ( चरण )
सो….
13.25/4 = 3.3125 degrees = 1 नक्षत्र चरण ………………(A)
since 1 राशि = 30 degree ……………..(B)
सो
1 राशि में -> 30/3.3125 = 9.05 ~= 9 नक्षत्र चरण … होते हैं
और
पूरे आकाश को ३६०/९=१०८.६७ ~= १०८ यानी…….108 ( नक्षत्र चरण या भागो में विभाजित किया गया है )
रिपुदमन पचौरी