ज्योतिष -२ ‘राशि और उनके स्वामी’
सम्पूर्ण आकाश-मंडल को नक्षत्रों के अलावा ३६० अंश और बारह राशियों में भी बाँटा गया है। ज्योतिष के अनुसार बारह राशियों के नाम और उनके स्वामी इस प्रकार हैं-
१. मेषराशि स्वामी - मंगल,
२.वृषराशि स्वामी - शुक्र,
३.मिथुनराशि स्वामी - बुध,
४.कर्कराशि स्वामी - चंद्रमा,
५.सिंहराशि स्वामी - सूर्य,
६.कन्याराशि स्वामी - बुध,
७.तुलाराशि स्वामी - शुक्र,
८.वृश्चिकराशि स्वामी - मंगल,
९.धनुराशि स्वामी - गुरूबृहस्पति,
१०.मकरराशि स्वामी - शनि,
११.कुम्भराशि स्वामी - शनि
१२.मीनराशि स्वामी - गुरूबृहस्पति।
इस प्रकार बारह राशियों को नौ ग्रहों में बाँटा गया है। प्रत्येक ग्रह दो राशियों के स्वामी हैं, जबकि सूर्य और चंद्र्मा एक-एक ग्रह के स्वामी हैं। राहू केतु को प्रकाशहीन अर्थात छाया ग्रह मानते हुए उन्हें किसी राशि का स्वामित्त्व दिया गया नही मिलता।
March 21, 2007 at 9:23 pm
iss kaa abhipraay yah bhi hai kee :-
pratek raashi mein 30 ansh hote hain. yaani 30 degrees.
poore aakash mandal ko 360 degree mein baantaa gaya hai.
6 raashiyaan : pritvi ke upper wale aakaash mein dikhtee hain. jo kee 6 raashi x 30 ansh = 180 degrees huaa. jiss ko hum english mein ‘upper hemishpere’ kahete hain. Aur;
6 raashiyaan : pritvi ke neechey wale aantriksh mein hoti hain aur ve dikhaayi nahin detii. jo kee 6 raashi x 30 ansh = 180 degrees huaa. jiss ko hum english mein ‘lower hemishpere’ kahete hain.
राहू केतु : physically exists hee nahin karte ? yaa exixts karte hain par dikhaayi nahin dete ?
March 21, 2007 at 9:28 pm
राशि के स्वामि को ‘राशिष्वर’ भी कहा जाता है|
लिखती रहेँ ….
रिपुदमन
March 22, 2007 at 11:43 pm
जी हां।
धन्यवाद।
March 25, 2007 at 11:27 pm
आपने मेरे इस प्रश्न का उत्तर नहीं दिया :-
राहू ऊ केतु : physically exists ही नहीं करते ? या exists हैं पर दिखाई नहीं देते ?
रिपुदमन
March 26, 2007 at 5:21 pm
-ये कोई राशि-पिण्ड नहीं हैं। पोस्ट में भी इन्हें छायाग्रह लिखा हुआ है।
March 26, 2007 at 5:45 pm
अच्छा ! पर…. हम जैसे जिसको ज्ञान ना हो … वह .. “छायाग्रह ” जैसे शब्द से क्या समझे!
इस लिये पूछा।
धन्यवाद