होली का त्योहार है
ये मौसम सुहाना
होली का बहाना
हमें प्यार है उड़ाना
पहल कर दिखाना।
ये रंगी हवाएं
फूलों को झुलाएं
हमें पास बुलाएं
लेतीं हमारी बलाएं।
ये मस्ती का भाव
सबको खेलने का चाव
ना आए किसी को ताव
रहे सबका यही ख्वाब।
ना हो कोई उदास
जीवन में निराश
मिलन की हो आस
सब आएं पास-पास।
रंग चढ़े मन पर
ना हो कभी कमतर
चाहे ना चढ़े तनपर
पर हो फुहार सब पर।
कोई घर ना बचे
कोई शहर ना रहे
कोई भी ना छूटे
कोई दिल ना टूटे
दिल दिल से मिलें
वैर के पत्ते झड़ें
द्वेष दूर हम करें
रंग राग के भरें।
रंग ऎसा लगे कि
सब रंगमय लगे
कुछ ना अलग दिखे
सब पहचान ही मिटे।
सब जाति के रंग
सब धर्मों के रंग
घोलकर प्यार के कुंड में
मल दो हरेक के मन में
ना रहे कोई भी अलग ढ़ंग में।
रहे मस्त होली के हुड़दंग में
रंग जाएं मानवता के रंग में।