१
ग्वालिन आयी।
लाला होरी मचायी।
खूब भिगायी॥
२
हाहा सी खायी।
नैक दया ना आयी।
रंग डुबायी॥
३
लाला! ना फेंको!
रंग गुलाल देखो!
माई रोको तो॥
४
बरसाने आ!
दूं तुझे पूरा भिगा!!
खेलें होली आ॥
५
(बरसाने में)
बचना कान्हा!
होली तो है बहाना!
तुझे बताना॥
६
होरी के वेष!
बरसाने में खेंच!
पीटे ब्रजेश॥
७
लट्ठन मारे!
भागे गोकुल सारे!
होली है प्यारे॥
८
मार ना गोपी!
होरी कोई यों होती!
मन की खोटी॥
९
बुरा ना मानौं।
कन्हैया होरी जानौं।
रार ना ठानौं॥
१०
मोर-मुकुट!
पीताम्बर लकुटि!
भीगी भ्रकुटी!!!
११
रंग अर्जित!
श्री संग सुसज्जित!
राग-रंजित॥